आधार-राशन कार्ड नहीं जुड़े और बच्ची ‘भूख’ से मर गई

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Image captionसंतोषी

संतोषीनेचारदिनसेकुछभीनहींखायाथा. घरमेंमिट्टीचूल्हाथाऔरजंगलसेचुनकरलाईगईकुछलकड़ियांभी. सिर्फ ‘राशन’ नहींथा.

अगरहोता, तोसंतोषीआजज़िंदाहोती. लेकिन, लगातारभूखेरहनेकेकारणउनकीमौतहोगई. वोदससालकीथी.

संतोषीअपनेपरिवारकेसाथकारीमाटीमेरहतीथी. यहसिमडेगाजिलेकेजलडेगाप्रखंडकीपतिअंबापंचायतकाएकगांवहै.

करीब 100 घरोंवालेइसगांवमेंइसमेंकईजातियोंकेलोगरहतेहैं. संतोषीपिछड़ेसमुदायकीथीं.

गांवकेडीलरनेपिछलेआठमहीनेसेउन्हेंराशनदेनाबंदकरदियाथा. क्योंकि, उनकाराशनकार्डआधारसेलिंक्डनहींथा.

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Image captionसंतोषीकीमांकोयलीदेवी

मां-बेटीपरजिम्मेवारी

संतोषीकेपिताजीबीमाररहतेहैं. कोईकामनहीकरते. ऐसेमेंघरचलानेकीजिम्मेवारीउसकीमांकोयलीदेवीऔरबड़ीबहनपरथी.

वेकभीदातूनबेचतीं, तोकभीकिसीकेघरमेंकामकरलेतीं. लेकिन, पिछड़ेसमुदायसेहोनेकेकारणउन्हेंआसानीसेकामभीनहींमिलपाताथा.

ऐसेमेंघरकेलोगोंनेकईरातेंभूखेगुजारदीं.

कोयलीदेवीनेबताया, “28 सितंबरकीदोपहरसंतोषीनेपेटदर्दहोनेकीशिकायतकी. गांवकेवैद्यनेकहाकिइसकोभूखलगीहै. खानाखिलादो, ठीकहोजाएगी. मेरेघरमेंचावलकाएकदानानहींथा. इधरसंतोषीभीभात-भातकहकररोनेलगीथी. उसकाहाथ-पैरअकड़नेलगा. शामहुईतोमैंनेघरमेंरखीचायपत्तीऔरनमकमिलाकरचायबनायी. संतोषीकोपिलानेकीकोशिशकी. लेकिन, वहभूखसेछटपटारहीथी. देखतेहीदेखतेउसनेदमतोड़दिया. तबरातकेदसबजरहेथे.”

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डीसीकाइनकार

सिमडेगाकेउपायुक्तमंजूनाथभजंत्रिइससेइनकारकरतेहैं. बीबीसीसेबातचीतमेंउन्होंनेदावाकियाकिसंतोषीकीमौतमलेरियासेहुईहै.

मंजूनाथकाकहनाहैकिसंतोषीकीमौतकाभूखसेकोईलेना-देनानहींहै. अलबत्ताउसकापरिवारकाफीगरीबहै. इसलिएहमनेउसेअंत्योदयकार्डजारीकरदियाहै.

मंजूनाथभजंत्रिनेबीबीसीसेकहा, “संतोषीकीमौत 28 सितंबरकोहुईलेकिनयहखबरछपी 6 अक्टूबरको. मीडियामेंआयाकिदुर्गापूजाकीछुट्टियोंकेकारणउसेस्कूलमेंमिलनेवालामिडडेमिलनहींमिलपारहाथा. जबकिवहमार्चकेबादकभीस्कूलगईहीनहीं. उसकीमौतकीजांचकेलिएगठिततीनसदस्यीयकमिटीकीरिपोर्टकेमुताबिकसंतोषीकीमौतकीवजहमलेरियाहै. इसकमेटीनेउसडाक्टरसेबातचीतकी, जिसनेसंतोषीकाइलाजकियाथा.”

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राशनकार्डबहालीकीमांग

जलडेगानिवासीसोशलएक्टिविस्टतारामणिसाहूडीसीपरतथ्योंकोछिपानेकाआरोपलगातीहैं.

उन्होंनेबतायाकिएएनएममालादेवीने 27 अक्टूबरकोसंतोषीकोदेखा, तबउसेबुखारनहींथा. ऐसेमेंमलेरियाकैसेहोगयाऔरजिसडाक्टरनेडीसीकोयहबातबतायी, उसकीयोग्यताक्याहै.

तारामणिसाहूनेबीबीसीसेकहा, “कोयलदेवीकाराशनकार्डरद्दहोनेकेबादमैंनेउपायुक्तकेजनतादरबारमे 21 अगस्तकोइसकीशिकायतकी. 25 सितंबरकेजनतादरबारमेंमैंनेदोबारायहीशिकायतकरराशनकार्डबहालकरनेकीमांगकी. तबसंतोषीजिंदाथी. लेकिनउसकेघऱकीहालतबेहदखराबहोचुकीथी. लेकिन, मेरीबातपरध्याननहीदियागयाऔरइसकेमहजएकमहीनेकेबादसंतोषीकीमौतहोगई.”

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राइटटूफूडकैंपेनकीजांच

इसघटनाकेबादराइटटूफूडकैंपेनकीपांचसदस्यीयटीमनेकारामाटीजाकरइसमामलेकीजांचकी. उनकेसाथराज्यखाद्यआयोगकीटीमभीथी.

इसटीममेंशामिलधीरजकुमारकहतेहैं, “कोयलदेवीनेउन्हेंबतायाहैकिसंतोषीकीमौतसिर्फऔरसिर्फभूखकेकारणहुईहै.”

वहींजाने-मानेसोशलएक्टिविस्टबलरामकहतेहैं, “अगरकिसीकोकईदिनोंसेखानानहींमिलरहाहोऔरइसकारणउसकीमौतहोजाए, तोइसेक्याकहेंगे. सरकारकोचाहिएकिवहयातोविश्वस्वास्थ्यसंगठनकीपरिभाषाकोमानलेयाफिरभूखसेमौतकोखुदपरिभाषितकरदे. क्योंकि, हरमौतकोयहकहकरटालदेनाकियहभूखसेनहीहुईहै, दरअसलअपनीजिम्मेवारियोंसेभागनाहै.”

प्लेबैकआपकेउपकरणपरनहींहोपारहा

‘आधारकेकारणनहींमिलपारहाराशन’

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Source

http://www.bbc.com/hindi/india-41647622

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